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लॉरस लैब्‍स ने सुदृढ़ प्रदर्शन किया, वित्‍त वर्ष 2018 की पहली छमाही में कर पश्‍चात लाभ 19 प्रतिशत बढ़ा

Business Wire India

लॉरस लैब्‍स लिमिटेड (लॉरस बीएसई :54022, एनएसई:लॉरसलैब्‍स, आइएसआइएल: आइएनई 947क्‍यू01010), भारत में एक प्रमुख अनुसंधान एवं विकास अभिप्रेरित फार्मास्‍युटिकल कंपनी, ने वित्‍त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के परिणामों की घोषणा की है।
 
वित्‍त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में लॉरस का प्रदर्शन :
  • कुल शुद्ध राजस्‍व 5,386 मिलियन रूपये रहा
  • ईबीआइटीडीए 1,192 मिलियन रुपये दर्ज की गई, ईबीआइटीडीए मार्जिन 22 प्रतिशत
  • कर पश्‍चात लाभ बढ़कर 488 मिलियन रुपये पहुंचा
  • इस अवधि में ईपीएस (डाइल्‍यूटेड) 4.6 रुपये प्रति शेयर रही (वार्षिक नहीं)
 
परिणामों की घोषणा पर डॉ. सत्‍यनारायण चावा, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी ने प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुये कहा;
“हमारा तिमाही प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप है, क्‍योंकि हम विभिन्‍न व्‍यवसाय क्षेत्रों में निरंतर विकास कर रहे हैं। ग्राहकों की सुदृढ़ मांग से एआरवी व्‍यावसाय के राजस्‍व में उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है। हमें उम्‍मीद है कि हम आगामी छमाही में भी इसी गति को बरकरार रखेंगे। हेपेटाइटिस सी के परिमाण में अभी भी वृद्धि हो रही है, लेकिन कीमतों की वजह से मूल्‍य में वृद्धि नहीं हुई है। वेलाप्‍टासविर एपीआइ की पेशकश मात्रा की पहली तिमाही में आपूर्ति कर दी गई है। सिंथेसिस व्‍यावसाय में भी हमारे प्रदर्शन ने तिमाही के दौरान सुदृढ़ विकास दर्ज किया है।

सिंथेसिस व्‍यावसाय में कई पहलों को शुरू किया जाना है, ऐसे में हमें यूनिट 5 से राजस्‍व वित्‍त वर्ष 2018 की अपेक्षित चौथी तिमाही की तुलना में पहले ही मिलने लगेगा। मुझे यह बताते हुये खुशी हो रही है कि हमारी यूनिट 2 को यूएसएफडीए से ईआइआर मिली है, इस तरह भविष्‍य के पीडीएफ मंजूरी के रास्‍ते खुल गये हैं। कई वर्षों से, हमने आधुनिकतम अनुसंधान एवं विनिर्माण सामर्थ्‍य का निर्माण किया है और कई प्रमुख व्‍यावसायों में मजबूत साझे‍दारियां की हैं। लॉरस में, हम हमारे सभी व्‍यावसायिकवर्गों में हमारी उत्‍पाद प्रोफाइल बनाने के लिए अपने सर्वोत्‍कृष्‍ट कौशल एवं विनिर्माण उत्‍कृष्‍टता का प्रयोग करेंगे। हम समूची मूल्‍य श्रृंखला में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रयासरत हैं तथा हम अनूठे आरएंडडी के साथ पूरी दृढ़ता से पूर्ण विकसित फार्मा कंपनी बनने की राह पर अग्रसर हैं।”

 
परिणामों की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुये वी वी रवि कुमार, कार्यकारी निदेशक एवं मुख्‍य वित्‍तीय अधिकारी ने कहा;
“मुझे यह बताते हुये बेहद खुशी हो रही है कि हमने समीक्षाधीन तिमाही और छमाही के लिये बेहतर प्रदर्शन किया है। समग्र प्रदर्शन हमारे एआरवी व्‍यवसाय में विकास द्वारा अभिप्रेरित था। इसके साथ ही अन्‍य एपीआइ और सिंथेसिस डिविजन से भी सुदृढ़ विकास दर्ज किया गया। इससे हम वित्‍त वर्ष 2017-18 की पहली छमाही में दोहरे अंकों में राजस्‍व विकास कर पाने में सक्षम हो पाये हैं।

तिमाही के लिये हमारे ईबीआइडीटीए मार्जिन्‍स में 50 बेसिक अंकों का विस्‍तार हुआ है और इसमें परिसंपत्तियों के अधिक इस्‍तेमाल से फायदा हुआ, जिसके परिणामस्‍वरूप बेहतर परिचालन लाभ मिला। हमें पूरा भरोसा है कि जेनरिक एफडीएफ और सिंथेसिस में हमारी नई पहलों से समग्र प्रदर्शन और भी बेहतर होगा। इसे एपीआइ और सामग्री व्‍यवसाय में उन्‍नत प्रदर्शन द्वारा समर्थन प्राप्‍त है और इससे हमारा तुलन पत्र (बैलेंस शीट) सुदृढ़ हुआ है तथा विभिन्‍न वर्गों में निवेश करने में हमें मदद मिली है।”

 
व्‍यावसाय के मुख्‍य आकर्षण :
समग्र
  • इस तिमाही में कुल राजस्‍व 4.3 प्रतिशत बढ़ा और पहली छमाही में इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी
  • वित्‍त वर्ष 2018 की पहली छमाही में अनुसंधान एवं विकास परिचालनगत खर्च (ओपेक्‍स) 493 मिलियन रुपये और बिक्री का 4.8 प्रतिशत रहा
  • यूनिट 4 का विस्‍तार कार्य प्रगति पर है, यह सुविधा जेनेरिक्‍स एपीआइ, सिंथेसिस और इंग्रीडिएंट्स व्‍यावसाय की क्षमता बढ़ायेगी
  • जुलाई 2017 के महीने में ब्रिटेन में लॉरस होल्डिंग्‍स लिमिटेड (पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली अनुषंगी) का निगमन किया गया
  • अगस्‍त 2017 के महीने में फॉर्मुलेशन व्‍यावसाय के लिए अमेरिका में लॉरस जेनेरिक्‍स इंक (पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली अनुषंगी) का निगमन किया गया
जेनेरिक एपीआइ
  • यूनिट 2 में एपीआइ संयंत्र के लिए यूएसएफडीए निरीक्षण बिना किसी 483एस परीक्षण के सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके लिए ईआइआर प्राप्‍त हुई।
  • अगस्‍त 2017 में 2 परीक्षण के साथ यूनिट 1 व 3 के लिए यूएसएफडीए निरीक्षण पूरा हुआ। यह अभी प्रक्रिया में चल रहा है।
  • यूनिट 1 व 3 के लिए डब्‍लूएचओ निरीक्षण सफलतापूर्वक ऑडिट एवं स्‍वीकृत किया गया। जांच आकलन रिपोर्ट प्राप्‍त हुई।
  • कंपनी ने सितंबर 2017 तक 211 पेटेंट आवेदन दाखिल किये और 46 पेटेंट को मंजूरी मिजी।
जेनरिक एफडीएफ
  • यूएसएफडीए के पास 8 एएनडीए सौंपे, डब्‍लूएचओ एवं दक्षिण अफ्रीका के साथ कनाडा,यूरोप में एक डोजियर
  • 11 उत्‍पाद प्रमाणन पूरे किये
  • वित्‍त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में एफडीएफ ओपेक्‍स 210 मिलियन रुपये रहा जिसमें 49 मिलियन रुपये आरएंडडी से संबंधित हैं।
  • 5 अरब यूनिट्स का क्षमता विस्‍तार पूरा हुआ
सिंथेसिस
  • 4 उत्‍पादों का प्रमाणन पूरा हुआ और यूनिट 5 से व्‍यावसायिक आपूर्तियां नवंबर के दूसरे सप्‍ताह से आरंभ होगी
  • अंतर्राष्‍ट्रीय साझीदार, सी2 फार्मा के लिए यूनिट 4 में एक समर्पित खंड स्‍थापित किया
सामान्‍य
  • ग्‍लोबल जेनेरिक्‍स एवं बिलोसिमलर्स एपीआइ सप्‍लायर ऑफ द ईयर अवार्ड 2017 प्राप्‍त हुआ
  • वर्ष 2017 के दौरान दर्ज विकास के लिए आइकेपी अचीवर अवार्ड2017
  • अगस्‍त 2017 में 2030 में फार्मा एंड हेल्‍थकेयर सेक्‍टर पर बोलने के लिए द इकोनॉमिस्‍ट द्वारा संस्‍थापकएवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी को आमंत्रित किया गया
  • क्‍लैरीवेट एनालिटिक्‍स से इंडियन इनोवेशन अवार्ड मिला
 
लॉरस लैब्‍स लिमिटेड के विषय में
 
लॉरस भारत में एक प्रमुख अनुसंधान एवं विकास अभिप्रेरित फॉर्मास्‍युटिकल कंपनी है। कंपनी एंटी-रेट्रोवायरल (एआरवी) और हेपेटाइटिस सी के लिये ऐक्टिव फॉर्मास्‍युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआइ) की एक अग्रणी निर्माता बनने के लिये निरंतर विकास कर रही है। लॉरस द्वारा ऑन्‍कोलॉजी और अन्‍य थेरैप्‍यूटिक क्षेत्रों में भी एपीआइ का उत्‍पादन किया जाता है। अपनी रणनीतियों और अनुसंधान व विकास तथा उत्‍पादन आधारभूत संरचना में शुरूआती निवेश से यह एआरवी थेरैप्‍युटिक क्षेत्र में एपीआइ की एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनने में सक्षम हुई है। एपीआइ की मौजूदा शक्तियों के आधार पर एक फिनिश्‍ड डोजेज फॉर्म्‍स दक्षताओं को विकासित करने की पहलें भी की जा रही हैं। कंपनी सिंथेसिस एवं इंग्रीडिएंट्स व्‍यावसाय में विकास के अवसरों को भी अभिप्रेरित कर रही है।
 
कॉर्पोरेट पहचान संख्‍या : एल24239एपी2005पीएलसी047518
 
अस्‍वीकरण : इस दस्‍तावेज में मौजूद कुछ कथन भविष्‍य संकेती कथन हो सकते हैं। इन भविष्‍य संकेती कथनों के साथ कुछ जोखिम और अनिश्चिततायें जुड़ी होती हैं, जैसे कि नियामकीय बदलाव, स्‍थानीय राजनीतिक अथवा आर्थिक विकास और कई अन्‍य कारक, जिनमें भविष्‍य संकेती कथनों की वजह से हमारे वास्‍तविक परिणामों से अंतर हो सकता है. लॉरस लैब्‍स लिमिटेड (लॉरस) इस तरह के वक्‍तव्‍यों के आधार पर किये गये कार्य के लिये किसी भी तरह से जिम्‍मेदार नहीं है। साथ ही कंपनी आगामी स्थितियों या हालातों में इन भविष्‍य संकेती कथनों को अद्यतन करने की उत्‍तरदायित्‍व नहीं लेती है।

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